देश की खबरें | पश्चिम बंगाल में पर्याप्त संख्या में बसों के नहीं चलने से मुश्किल का सामना कर रहे यात्री
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कोलकाता, दो जून पश्चिम बंगाल में अधिकतर निजी बसों के सड़कों से दूर रहने से लॉकडाउन में ढील के बाद काम पर जाने वाले लोगों को थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य में सोमवार को कई निजी कार्यालय और संस्थान सोमवार को खुले लेकिन परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से मंगलवार को भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

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उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने शनिवार को लॉकडाउन को 15 जून तक बढ़ाने की घोषणा की है लेकिन एक जून से शत प्रतिशत कर्मचारियों के साथ सूक्ष्म, छोटे, मझोले और बड़े उद्योगों को खोलने की अनुमति दे दी है।

दक्षिण कोलकाता के कस्बा इलाके में करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने कहा कि पश्चिम बंगाल परिवहन निगम, उत्तरी बंगाल राज्य परिवहन निगम, दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम शहरों और जिलों में बसों का परिचालन कर रहे हैं लेकिन इनकी संख्या सीमित है।

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राज्य में बड़ी संख्या में निजी वाहन सड़कों पर दिखे और टैक्सी एवं ऐप आधारित कैब की भी मांग रही। इसकी वजह से कोलकाता के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम सरकार ने सीट के अनुपात में यात्रियों के साथ निजी बसों को एक जून से परिचालन की अनुमति दी है लेकिन बस परिचालकों का कहना है कि इस नियम के चलते उन्हें भारी नुकसान होगा।

दक्षिण 24 परगना के बरुइपुर से कार्यालय के लिए निकले एक व्यक्ति ने बताया कि उपनगरीय रेल और मेट्रो रेल सेवा बहाल नहीं की गई है जिससे लोगों को बसों, ऑटोरिक्शा पर निर्भर हैं लेकिन इनकी संख्या पर्याप्त नहीं है।

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