देश की खबरें | नगा समाधान के बिना चुनाव की तारीखों की घोषणा से दलों ने निराशा जताई

कोहिमा, 18 जनवरी नगालैंड में लंबे समय से जारी नगा राजनीतिक मुद्दे का कोई हल नहीं होने के बीच विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद पूर्वोत्तर राज्य के नागरिक समाज संगठनों और राजनीतिक दलों के एक वर्ग ने निराशा व्यक्त की है।

नगालैंड में 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ‘‘समाधान के लिए चुनाव’’ का नारा दिया था। अब राज्य के कई दल भाजपा को इस नारे की याद दिला रहे हैं।

नगालैंड में सबसे अधिक विधायकों वाली ‘नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी’ (एनडीपीपी) और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से अभी तक इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं, कांग्रेस और एनपीएफ ने कहा कि वह नाखुश हैं लेकिन चुनावी मैदान में उतरेंगे।

नगालैंड में नयी विधानसभा के गठन के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा जबकि मतों की गिनती दो मार्च को होगी। निर्वाचन आयोग ने बुधवार को यह घोषणा की।

नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के महासचिव ए. किकोन ने कहा, ‘‘हम नगा राजनीतिक समस्या के सम्मानजनक और स्वीकार्य समाधान के लिए काम करने के अलावा अच्छे और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के अपने घोषणापत्र के साथ चुनाव लड़ेंगे।’’

कांग्रेस ने कहा कि निर्वाचन आयोग नगालैंड में चुनाव टाल सकता था, लेकिन चुनाव की घोषणा की गई, जिसने ‘‘लोगों की आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात हुआ।’’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. थेरी ने कहा, ‘‘पार्टी चुनाव की घोषणा से खुश नहीं है।’’

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