देश की खबरें | संसदीय समिति ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ किए जाने की निंदा की

नयी दिल्ली, 19 मई विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोल’ किए जाने की एक सुर में निंदा की तथा उनके पेशेवर आचरण की प्रशंसा की। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

मिसरी पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के बारे में कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति को जानकारी दे रहे थे।

तीन घंटे की बैठक के बाद थरूर ने संवाददाताओं को बताया कि बैठक में 24 सदस्य शामिल हुए। उन्होंने बताया कि समिति ने सर्वसम्मति से मिसरी के साथ एकजुटता व्यक्त की, क्योंकि भारत-पाकिस्तान द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताए जाने के बाद विदेश सचिव को सोशल मीडिया पर ‘‘अनुचित हमले’’ (ट्रोलिंग) का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि मिसरी और उनके परिवार के लोगों को ट्रोल किया गया, ऐसे में समिति ने मिसरी की भूमिका के लिए उनकी सराहना की।

उन्होंने कहा कि समिति (मिसरी के समर्थन में) एक औपचारिक प्रस्ताव पारित करना चाहती थी, लेकिन विदेश सचिव ने ऐसा नहीं करने का अनुरोध किया।

भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर बनी सहमति के बाद विदेश सचिव को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोलिंग’ का सामना करना पड़ा। हालांकि, राजनीतिक नेताओं, पूर्व नौकरशाहों और सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने मिसरी का समर्थन किया।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं। समिति की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा के अरुण गोविल और अपराजिता सारंगी सहित कई सदस्यों ने भाग लिया।

यह बैठक पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुयी।

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