नयी दिल्ली, चार जुलाई संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को अधिकारियों को आगामी मॉनसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले मसौदा कानूनों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन तथा मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक के दौरान जोशी ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र के लिए विधायी एवं अन्य सरकारी कामकाज की तैयारियों की समीक्षा की।
जोशी ने अधिकारियों को सत्र के दौरान लाए जाने वाले विधेयकों के संबंध में सभी प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
फिलहाल, 38 मसौदा कानून संसद के समक्ष लंबित हैं, क्योंकि बजट सत्र के दौरान केवल एक विधेयक पारित किया गया था।
संसद के समक्ष लंबित विधेयकों में अंतर-सेवा संगठन (कमान, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक 2023, जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2022 और बहु-राज्य सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक 2022 शामिल हैं।
सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अध्यादेश की जगह लेने वाले विधेयक पर रहेगी।
यह अध्यादेश उच्च्तम न्यायालय के उस फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए जारी किया गया था, जिसने दिल्ली सरकार के तहत काम करने वाले नौकरशाहों के स्थानांतरण और पदस्थापना से संबंधित मामलों पर विधायी एवं प्रशासनिक नियंत्रण दिल्ली सरकार को दे दिया था।
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