कोलकाता, 18 दिसंबर दिल्ली पुलिस की तीन सदस्यीय विशेष टीम सोमवार को कोलकाता पहुंची और संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार कथित ‘मास्टरमाइंड’ ललित मोहन झा से जुड़े विभिन्न स्थानों का दौरा किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
टीम के सदस्य कोलकाता पुलिस के कुछ अधिकारियों के साथ सबसे पहले बड़ाबाजार गए जहां झा और उसका परिवार एक महीने पहले तक रह रहा था।
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्होंने स्थानीय लोगों, एक चाय की दुकान के मालिक से बात की और झा के बारे में विवरण दर्ज किया जो छात्रों को ट्यूशन पढ़ाता था। वे रवीन्द्र सारणी के घर में भी गए जहां झा किराए पर रहता था।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ में शामिल अधिकारी उस कमरे में दाखिल नहीं हो सके जिसमें झा और उसका परिवार रहता था। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस थाने से संपर्क किया और उस व्यक्ति तक पहुंचने में सहायता मांगी जिसके पास कमरे की चाबी थी।’’
दिल्ली पुलिस टीम के कोलकाता के बागुईहाटी स्थित एक मकान में भी जाने की संभावना है, जहां झा और उसका परिवार किराए पर रहा था।
पश्चिम बंगाल के विशेष कार्यबल (एसटीएफ)की कोलकाता इकाई को जांच के बारे में जानकारी मिली कि झा और उसका परिवार बड़ाबाजार, गिरीश पार्क और बागुईआटी के अलावा दो अन्य स्थानों पर भी किराए पर रहा था।
अधिकारी ने बताया, ‘‘अब तीनों पते उनके नहीं हैं क्योंकि परिवार बिहार लौट चुका है।’’
दिल्ली पुलिस ने संसद की सुरक्षा में चूक मामले में अब तक कथित तौर पर संलिप्त छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम या यूएपीए के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तेरह दिसंबर को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के अंदर कूद गए थे। आरोपियों ने सदन में ‘कैन’ से पीले रंग का धुंआ फैलाया और नारेबाजी की। हालांकि, सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया।
उसी समय संसद भवन के बाहर दो अन्य लोगों ने भी ‘कैन’ से रंगीन धुंआ फैलाया और नारेबाजी की। ललित और अन्य आरोपियों ने बाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
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