फगवाड़ा/गुरदासपुर, दो मार्च कई रातें जागकर काटने के बाद यहां जाखू दंपति ने बुधवार को उस समय राहत की सांस ली जब उन्हें मालूम चला कि उनके दो बेटे युद्धग्रस्त यूक्रेन से सीमा पार कर हंगरी पहुंच गए हैं। वे यूक्रेन में चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे थे।
डॉ. हरजिंदर सिंह जाखू और उनकी डॉक्टर-पत्नी अवनीत कौर जाखू के दो बेटे अजमवीर सिंह जाखू और अरमानवीर सिंह जाखू यूक्रेन के किरोवोराद में चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे थे।
हरजिंदर सिंह जाखू ने कहा, ‘‘मेरे दोनों बेटे कुछ अन्य छात्रों के साथ किरोवोराद से एक बस में सवार हुए और बस ने उन्हें हंगरी सीमा से 40 किलोमीटर दूर छोड़ दिया। उन्होंने सीमा तक पहुंचने के लिए 40 किलोमीटर की दूरी तय की। अच्छी खबर यह है कि उन्होंने गत रात सीमा पार कर ली।’’
उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया है और उनके अगले दो या तीन दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है।
इस बीच, यूक्रेन में फंसी 22 वर्षीय जसमीत कौर के पिता हरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी बेटी कुछ अन्य छात्रों के साथ मंगलवार रात को किसी तरह ट्रेन से उझोरोद के लिए रवाना हुई।
गुरदासपुर निवासी सिंह ने कहा कि उनकी बेटी और अन्य छात्र खारकीव में एक चिकित्सा कॉलेज के हॉस्टल में एक बंकर में रह रहे थे। उनके पास भोजन और पानी भी नहीं था।
कौर ने अपने माता-पिता को बताया कि खारकीव में हालात सही नहीं हैं और उन्हें बमबारी की आवाज सुनायी देती है।
कादियां निवासी प्रताप सिंह भी खारकीव में हालात खराब होने की खबर सुनकर परेशान हो गए थे। उनका बेटा गुरप्रताप सिंह खारकीव में पढ़ाई कर रहा है।
इस बीच, स्थानीय सिविल और पुलिस अधिकारियों ने यहां यूक्रेन में फंसे फगवाड़ा के सात छात्रों के परेशान परिवारजनों से मुलाकात की।
फगवाड़ा के उप-मंडलीय मजिस्ट्रेट कुलप्रीत सिंह ने कहा कि सभी छात्र सुरक्षित हैं। वे पोलैंड, बुल्गारिया, हंगरी या अन्य सुरक्षित सीमावर्ती देशों में पहुंच गए हैं। उन्होंने परेशान परिजनों को पुन: आश्वस्त किया कि भारत सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY