चेन्नई, 17 फरवरी अन्नाद्रमुक के महासचिव ए.के. पलानीस्वामी ने शनिवार को मेकेदातु जलाशय परियोजना पर आगे बढ़ने के कर्नाटक सरकार के फैसले के लिए राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पर हमला किया और इस मुद्दे पर तमिलनाडु की द्रमुक सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए।
कर्नाटक सरकार बेंगलुरु की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य के मेकेदातु में कावेरी नदी पर एक जलाशय के निर्माण की परिकल्पना कर रही है, लेकिन तमिलनाडु यह कहते हुए इसका विरोध कर रहा है कि यह परियोजना उसके हितों को नुकसान पहुंचाएगी।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि द्रमुक अपने सहयोगी दल कांग्रेस के साथ 2021 में सत्ता में आने के बाद से ही तमिलनाडु के हितों के खिलाफ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वह पहले ही राज्य विधानसभा में पिछली अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा 2018 में सीडब्ल्यूएमए एजेंडा में मेकेदातु मुद्दे को उठाने के लिए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने का मुद्दा उठा चुके हैं।
यह मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है।
उन्होंने एक बयान में कहा कि इस महीने की शुरुआत में सीडब्ल्यूएमए की बैठक में मेकेदातु मुद्दा फिर से उठा, लेकिन तमिलनाडु सरकार ने इसके विरोध में बर्हिगमन नहीं किया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को अपना बजट पेश करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने की घोषणा की है।
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