ताजा खबरें | शांतिपूर्ण ढंग से मुद्दों के निपटारे के लिए अनुकूल माहौल बनाने का दायित्व पाकिस्तान पर: भारत

नयी दिल्ली, 17 सितंबर भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य मित्रतापूर्ण संबंध रखना चाहता है लेकिन दोनों के बीच यदि कोई मसला है तो उनका समाधान आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि इसके लिए अनुकूल माहौल बनाने का दायित्व पाकिस्तान पर है। मसलन वह अपने नियंत्रण वाले किसी भी भूभाग का भारत के विरुद्ध आतंकवाद के लिए इस्तेमान नही होने दे और ठोस कार्रवाई करे।

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मुरलीधरन राज्यसभा में पाकिस्तान के प्रति भारत की वर्तमान विदेश नीति और भारत द्वारा विदेश नीति के माध्यम से आतंकवाद के संबंध में पाकिस्तान को जवाब देने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से आतंकवाद के निरंतर समर्थन और आतंकवादियों की घुसपैठ के मामले को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर लगातार उठाया है।

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उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पाकिस्तान से उपजने वाले आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ी है जिसमें अंतरराष्ट्रीय तौर पर नामजद आतंकवादी संगठन और व्यक्ति जैसे जमात-उद-दावा (जेयूडी), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन इत्यादि की गतिविधियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य मित्रतापूर्ण संबंध रखना चाहता है। हमारा अटल दृष्टिकोण यह रहा है कि भारत और पाकिस्तान के मध्य यदि कोई मसले हैं तो उनका समाधान आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए।’’

मुरलीधरन ने कहा कि बहुत-से आतंकी संगठनों और व्यक्तियों, जिन्हें पाकिस्तान में आश्रय प्राप्त है और जो भारत के विरुद्ध आतंकवाद में लिप्त हैं, को संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा अवैध घोषित किया गया गया है।

वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा फरवरी 2020 में अपने पूर्ण अधिवेशन में पाकिस्तान को आतंक का निरंतर वित्त पोषण जारी रखने संबंधी चिंताओं के कारण 'ग्रे लिस्ट' में बनाए रखने के निर्णय का जिक्र करते हुए मुरलीधरन ने कहा कि इससे भारत के दावे सही साबित हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इनसे भारत का अटल रुख सही साबित होता है कि अंतरराष्ट्रीय तौर पर नामजद आतंकी समूह और व्यक्ति, पाकिस्तान से खुलेआम अपनी गतिविधियां चला रहे हैं और वहां पर वित्तीय साधन जुटा रहे हैं और इसके नियंत्रणाधीन भूक्षेत्र का भारत और दक्षिण एशिया में सीमा पार से आतंकवाद फैलाने में इस्तेमाल कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि बड़े भागीदार देशों ने पाकिस्तान पर जोर दिया है कि वह अपने भूभाग को किसी भी ढंग से आतंकवाद के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति न दे।

उन्होंने कहा कि भारत के आह्वान की अंतरराष्ट्रीय समुदाय में स्वीकृति बढ़ती गई है और विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन की बैठकों और क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मंचों जैसे शंघाई सहयोग संगठन, जी-20, ब्रिक्स आदि से जारी दस्तावेजों में भी यह परिलक्षित होता है।

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