इस्लामाबाद, तीन जून पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक भारतीय अदालत द्वारा आतंक वित्त पोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को सजा सुनाए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस को पत्र लिखा है। विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली की एक अदालत ने पिछले सप्ताह यासीन को आंतक वित्त पोषण मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि कश्मीर के हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के पाकिस्तान के प्रयासों के तहत बिलावल द्वारा 31 मई को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को यह पत्र भेजा गया।
बयान के मुताबिक, पत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को मलिक को सजा दिए जाने की परिस्थितियों से अवगत कराया गया।
बिलावल ने पत्र में आरोप लगाया कि मलिक को दोषी ठहराना भारत सरकार द्वारा कश्मीरियों और उनके नेतृत्व को ''सताने और दमन करने'' की कोशिशों का हिस्सा है। उन्होंने मलिक की ''हिरासत में हत्या'' की आशंका भी जताई।
बिलावल ने गुतारेस से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों के अनुसार जम्मू-कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पाकिस्तान से बार-बार कहा है कि जम्मू और कश्मीर देश का अभिन्न अंग था, है और हमेशा बना रहेगा। भारत ने पाकिस्तान को वास्तविकता को स्वीकार करने और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को रोकने की भी सलाह दी है।
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