विदेश की खबरें | पाक की सैन्य अदालत नौ मई की हिंसा के आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू नहीं करे : प्रधान न्यायाधीश
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस्लामाबाद, 21 जुलाई पाकिस्तानी उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि सैन्य अदालत को उच्चतम न्यायालय को सूचित किए बिना नौ मई को हुई सरकार-विरोधी हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा शुरू नहीं करना चाहिए।

प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने गिरफ्तार नागरिकों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमे को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन, न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर, न्यायमूर्ति याह्या अफरीदी, न्यायमूर्ति सैयद मजहर अली अकबर नकवी और न्यायमूर्ति आयशा मलिक सहित छह सदस्यीय पीठ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

यह मामला कथित भ्रष्टाचार मामले में खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में शामिल 100 से अधिक संदिग्धों के खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा चलाए जाने से संबंधित है।

नौ मई को इस्लामाबाद में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाहौर में कोर कमांडर के आवास, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों में तोड़फोड़ की थी।

भीड़ ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर भी हमला किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)