नयी दिल्ली, 12 दिसंबर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में मंगलवार को बताया कि 1,506 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा) में से 1,176 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने पिछले शुक्रवार को कहा था कि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल को दादरी से जोड़ने वाला वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, पाटन, बनासकांठा, आणंद, खेड़ा, वडोदरा, भरूच, सूरत, वलसाड और नवसारी जिलों से होकर गुजरता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रामभाई हरजीभाई मोकारिया के एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात में औद्योगिक गलियारों, शहरीकरण, नए फ्रेट टर्मिनल, मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनल, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क और अंतर्देशीय कंटेनर डिपो का लाभ उठाकर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
वैष्णव ने कहा कि दूरदराज के उद्योगों के साथ पश्चिमी बंदरगाहों की बेहतर और तेज कनेक्टिविटी से ग्राहकों के लिए पारगमन समय और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।
मोकारिया ने दिल्ली-मुंबई फ्रेट कॉरिडोर पर निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और पूरे किए गए काम का प्रतिशत जानना चाहा था।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि गुजरात के कितने जिले से यह गलियारा गुजर रहा है और इन जिलों को इस गलियारे के निर्माण से होने वाले लाभ का ब्यौरा क्या है।
मीडिया के एक वर्ग में पहले दावा किया गया था कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 1,279 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सही आंकड़ा 1,176 किलोमीटर है जिसे मंत्री ने संसद में पेश किया।
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