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देश की खबरें | दंगों के बाद मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करने वाले समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात के पाटन जिले की एक अदालत ने पिछले साल जुलाई में सांप्रदायिक हिंसा के बाद एक गांव में मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार किये जाने का कथित तौर पर आह्वान करने वाले लोगों के एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

देश की खबरें | दंगों के बाद मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करने वाले समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया

पाटन (गुजरात), 31 जुलाई गुजरात के पाटन जिले की एक अदालत ने पिछले साल जुलाई में सांप्रदायिक हिंसा के बाद एक गांव में मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार किये जाने का कथित तौर पर आह्वान करने वाले लोगों के एक समूह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एच पी जोशी की अदालत ने हाल में एक आदेश में बलिसाना पुलिस थाने के उपनिरीक्षक को याचिकाकर्ता मकबूल हुसैन शेख की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने और समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता ने अदालत का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि बलिसाना में कुछ लोगों ने 16 जुलाई, 2023 को ‘‘सांप्रदायिक दंगे की दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ के मद्देनजर स्थानीय लोगों को मुसलमानों का बहिष्कार करने के लिए उकसाया।

उन्होंने याचिका में कहा, ‘‘इस कदम से क्षेत्र में रहने वाले मुसलमानों के व्यवसाय और आजीविका प्रभावित हुई है और कुछ को तो यह स्थान छोड़ने के लिए भी मजबूर होना पड़ा है।’’

अदालत ने निर्देश दिया कि समूह पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा (153-बी) और दुश्मनी की भावना पैदा करने या बढ़ावा देने के इरादे से अफवाह या आपत्तिजनक बयानों को प्रसारित या प्रकाशित करने के लिए धारा 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया जाए।

अदालत ने साथ ही यह भी कहा कि घृणा फैलाने वाले भाषण से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (ए) के तहत कोई अपराध नहीं बनता है, क्योंकि याचिकाकर्ता ने इसे प्राथमिकी में जोड़ने का अनुरोध किया है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया क्योंकि पुलिस ने गांव में मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार का आह्वान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कथित तौर पर शुरू नहीं की।

इससे पहले के आदेश में अदालत ने पुलिस को मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने बाद में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें कहा गया कि कोई अपराध नहीं हुआ है।

अदालत ने हालांकि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत वीडियो क्लिप और प्रभावित व्यक्तियों के बयानों पर विचार करने के बाद रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और 26 जुलाई को पारित आदेश में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

बलिसाना में 16 जुलाई 2023 की रात को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर ग्रामीणों के दो समूहों में झड़प हो गई थी। भीड़ ने एक दूसरे पर लोहे की छड़ों, पाइप और पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2024 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).