देश की खबरें | विपक्ष में मतभेद, लेकिन एकसाथ खड़ा होगा और भाजपा-आरएसएस से लड़ेगा: राहुल

श्रीनगर, 29 जनवरी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष में बिखराव की धारणा को खारिज करते हुए रविवार को कहा कि विपक्ष में मतभेद जरूर हैं, लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ एक साथ खड़ा होगा और लड़ेगा।

उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन समारोह से जुड़ी उस रैली से एक दिन पहले यह टिप्पणी की जिसमें कांग्रेस ने 20 से अधिक विपक्षी दलों को आमंत्रित करके विपक्षी एकजुटता का प्रयास किया है।

राहुल गांधी ने "भारत जोड़ो यात्रा’’ के तहत पदयात्रा की समाप्ति के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि एक तरफ कांग्रेस का नजरिया है और दूसरी तरफ भाजपा और आरएसएस का अहंकार एवं नफरत का नजरिया है। यह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत राहुल गांधी का 13वां संवाददाता सम्मेलन था।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने विपक्षी एकजुटता से जुड़े सवाल पर कहा, "आप किस आधार पर कह रहे हैं कि विपक्ष बिखर चुका है। विपक्षी एकता बातचीत और एक दृष्टिकोण के बाद आती है। यह कहना सही नहीं है कि विपक्ष बिखरा हुआ है। मतभेद हैं... लेकिन विपक्ष साथ खड़ा होगा, लड़ेगा। "

उनका कहना था, "यह विचारधारा की लड़ाई है।एक तरह भाजपा और आरएसएस की विचारधारा है, दूसरी तरफ गैर भाजपा और गैर आरएसएस ताकतें हैं।"

उन्होंने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब सोमवार को यात्रा के समापन समारोह से जुड़ी रैली के लिए कांग्रेस ने 20 से अधिक विपक्षी दलों को निमंत्रण दिया है। हालांकि कुछ दलों ने इसमें शामिल होने में अपनी ओर से असमर्थता जताई है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस रैली में नेशनल कांफ्रेस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना, द्रमुक और कुछ अन्य दलों के नेताओं अथवा प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी जैसी पार्टियों के शामिल होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

यह पूछे जाने पर कि कितने विपक्षी दल रैली में शामिल हो रहे हैं तो कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘इस बारे में आपको कल पता चलेगा।’’

इस यात्रा का 135 दिनों के बाद समापन हो रहा है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ध्वज फहराएंगे और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ स्मृति चिन्ह का अनावरण करेंगे।

यात्रा के संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। लाखों लोगों से मिला। यात्रा का लक्ष्य भारत को जोड़ने का था , नफरत और हिंसा के खिलाफ यह यात्रा थी। जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है।’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘किसान, मजदूर, बेरोजगार युवाओं की आवाज सुनने को मिली। मेरे लिए यह शायद यह जिंदगी का सबसे सुंदर अनुभव रहा।’’

राहुल ने कहा, "इस यात्रा ने एक वैकल्पिक नजरिया दिया है। भाजपा आरएसएस ने नफरत और अहंकार का नजरिया दिया है। अब हिंदुस्तान के सामने ये दो रास्ते ही नहीं, जीने के तरीके भी हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह देश से पश्चिम से पूर्व की तरफ से कोई यात्रा निकालेंगे तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में विचार करेंगे, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘यह यात्रा दक्षिण से उत्तर की तरफ निकली, लेकिन इसका असर पूरे देश में हुआ है।’’

उन्होंने साथ ही कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा और लोकतान्त्रिक प्रक्रिया बहाल होनी चाहिए जो यहां महत्वपूर्ण पहला कदम होंगे।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 4,080 किलोमीटर के सफर के बाद श्रीनगर में कल 30 जनवरी को संपन्न होगी । 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई ये यात्रा देश भर के विभिन्न राज्यों के 75 जिलों से होकर गुजरी ।

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