बेंगलुरु, सात जुलाई कर्नाटक में विपक्षी भाजपा और जद (एस) ने शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा पेश किए गए बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें दूरदर्शिता का अभाव है और इससे राज्य पर कर्ज का बोझ पड़ेगा।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि बजट में राज्य के व्यापक विकास के दृष्टिकोण का अभाव है और इससे लोगों पर करों का बोझ पड़ेगा।
येदियुरप्पा ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा है कि वह 86,000 करोड़ रुपये उधार लेंगे। कर्ज का बोझ राज्य के नागरिकों पर पड़ेगा।’’
येदियुरप्पा के बेटे एवं शिकारीपुरा से विधायक बी वाई विजयेंद्र ने कहा कि यह देखना चौंकाने वाला है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले जो भी चुनावी वादे किए थे, उनमें से कोई भी निकट भविष्य में पूरा नहीं होगा। उनके मुताबिक, इन गारंटियों को पूरी तरह लागू होने में एक साल लगेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सिद्धरमैया की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है कि उन्हें अपने वादे पूरे करने में कम से कम एक साल लगेगा।’’
विजयेंद्र ने बजट भाषण में केंद्र और राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को दोषी ठहराने के लिए सिद्धरमैया की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री का पूरा समय और ऊर्जा केवल केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को दोषी ठहराने में खर्च हुई।’’ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को खत्म करके नयी नीति लाने को उन्होंने 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इसे ‘‘कट-एंड-पेस्ट बजट’’ कहा। कुमारस्वामी ने एक बयान में कहा, ‘‘यह एक कट-एंड-पेस्ट बजट है और इसके तहत केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर दोष मढ़ा गया। यह एक राजनीतिक बयान जारी करने तक ही सीमित था।’’
जद (एस) नेता के अनुसार, सिद्धरमैया द्वारा प्रस्तुत बजट उनके पूर्ववर्ती, पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा प्रस्तुत बजट का ही विस्तार है।
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