देश की खबरें | केरल में सीबीआई को दी गई सहमति वापस लेने संबंधी माकपा के सुझाव की विपक्ष ने आलोचना की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर केरल में विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस लेने के संबंध में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा दिये गये सुझाव की शनिवार को आलोचना की।

राज्य की इन दोनों विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि वह वाम सरकार के ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’ को छिपाना चाहती है।

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राज्य के कानून मंत्री ए के बालन ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों सहित कई अन्य राज्यों ने भी सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली है।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘केरल सरकार सीबीआई जांच से भयभीत है। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या राष्ट्रीय स्तर पर भी सीबीआई के संबंध में उनका यही रुख है।’’

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हालांकि, कानून मंत्री ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों के अलावा अन्य राज्यों ने भी जांच एजेंसी से सहमति वापस लेने की योजना बनाई है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘माकपा ने उस दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव दिया और इसी तरह की राय कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी व्यक्त की थी।’’

महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने हाल में केन्द्रीय जांच ब्यूरो से सामान्य सहमति वापस ले ली थी।

केन्द्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ‘लाइफ मिशन’ परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सीबीआई जांच के कारण केरल सरकार को एजेंसी के खिलाफ यह रूख अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कदम वाममोर्चा के ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’’ को छुपाने के लिए उठाया गया है।

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