नयी दिल्ली, आठ दिसंबर सूचीबद्ध कंपनियों की खुली पेशकश चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह अप्रैल-अक्टूबर के दौरान 39 प्रतिशत घटकर करीब 9,000 करोड़ रुपये रह गई।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड की ताजा मासिक रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों द्वारा अप्रैल-अक्टूबर के दौरान 8,973 करोड़ रुपये की 30 खुली पेशकश लाई गईं।
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इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनियों ने 14,603 करोड़ रुपये की 40 खुली पेशकश की थीं।
सेबी के नियमनों के अनुसार उल्लेखनीय संख्या में शेयरों के अधिग्रहण या सूचीबद्ध कंपनी के नियंत्रण में बदलाव की स्थिति में अधिग्रहण करने वाली कंपनी को सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लानी होती है, जिससे उन्हें कंपनी से बाहर निकलने का उचित अवसर मिल सके।
खुली पेशकश प्रबंधन नियंत्रण में बदलाव, अपनी हिस्सेदारी को मजबूत करने या कंपनी में उल्लेखनीय अधिग्रहण के लिए लाई जाती है।
आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले सात माह में सबसे अधिक 8,959 करोड़ रुपये की खुली पेशकश प्रबंधन नियंत्रण में बदलाव के लिए लाई गईं।
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