मोरीगांव/बारपेटा, 29 जुलाई असम के मोरीगांव जिले से शुक्रवार को एक और व्यक्ति को बांग्लादेशी आतंकवादी संगठन अंसारुल इस्लाम से कथित संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम अथवा यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि गत दो दिनों में जिले से एक मदरसा शिक्षक सहित आठ लोगों को इसी आतंकवादी समूह से कथित संबंध होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इस संगठन को अंसारुल बांगला टीम (एबीटी) भी कहते हैं।
बारपेटा जिले की पुलिस ने भी 27-28 जुलाई की दरमियानी रात आठ अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि दोनों जिलों से पकड़े गए इन लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की आगे की जांच करने के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) टीम राज्य पहुंच चुकी है।
पुलिस ने बताया कि बारपेटा की अदालत ने सभी आठ आरोपियों को नौ दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया जबकि मोरीगांव से पकड़े गए संदिग्धों को 12 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुप्रोतिव लाल बरुआ ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस ने दिन में मोरीगांव से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है जिसकी पहचान जिले के मोरीबाड़ी निवासी अफसरद्दीन भुइयां के तौर पर की गई है।
उन्होंने दावा किया कि भुइयां कंप्यूटर की दुकान चलाता था और एबीटी के सदस्यों से वित्तीय लेनदेन का काम करता था।
बरुआ ने बताया कि जिले से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार एक अन्य आरोपी मुफ्ती मुस्तफा पर भी अंसारुल इस्लाम के वित्तीय लेनदेन में संलिप्त होने का आरोप है। उन्होंने बताया कि अंसारुल वृहद आतंकवादी संगठन अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (,एक्यूआईएस) से संबद्ध है।
पुलिस ने बताया कि मुस्तफा जिले में निजी मदरसा चलाता था और उसके साथ गिरफ्तार सात अन्य भी विभिन्न धार्मिक संस्थानाओं में शिक्षक का काम करते हैं।
बरुआ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जो इंगित करते हैं कि वे निजी मदरसों में मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और देश हित के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि मोरीगांव जिला प्रशासन ने दो निजी मदरसों को बंद कर दिया है और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नियमित सरकारी स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।
बरुआ ने बताया कि जिले के अन्य मदरसों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
बारपेटा के पुलिस अधीक्षक अमिताभ सिन्हा ने बताया कि खबर है कि दो बांग्लादेशियों ने देश में घुसपैठ की है और वे गिरफ्तार लोगों के संपर्क में थे।
उन्होंने बताया कि अंसारुल इस्लाम के पांच कथित सदस्यों को बारपेटा से मार्च में गिरफ्तार किया था। उसके बाद से जुलाई में की गई ताजा गिरफ्तारी से पहले करीब 30 लोगों को पकड़ा गया था।
पुलिस ने बताया कि पूर्व में हुई गिरफ्तारियों के सिलसिले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से एक मामले की जांच एनआईए कर रही है जबकि दूसरे मामले की जांच बारपेटा जिले की पुलिस कर रही है।
सिन्हा ने बताया कि इन आरोपियों से जुड़े लोगों को हाल में त्रिपुरा और मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि खबरें हैं कि पड़ोसी देश के चरमपंथी समूह के सदस्य राज्य में सक्रिय हैं और केंद्र व राज्य सरकार इन मॉड्यूल को नष्ट करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
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