Uttarakhand Elections 2022: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का दावा, कहा- उत्तराखंड में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिजन को एक करोड़ रुपये दिये जाएंगे
केजरीवाल ने कहा कि वह आंबेडकर की पूजा करते हैं, जिन्होंने बहुत गरीबी के बावजूद गरीबी और सामाजिक अस्पृश्यता की बाधाओं को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया है और वहां के छात्र अब धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं.
देहरादून: दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार को वादा किया कि अगर आम आदमी पार्टी (AAP) विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ता में आती है तो उत्तराखंड (Uttarakhand) में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के परिवारों को सम्मान राशि के रूप में एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे. केजरीवाल ने 34-35 वर्ष की आयु के सेवानिवृत्त सैनिकों को सरकार में सीधी नौकरी देने और उनकी देशभक्ति, सैन्य कुशलता व अनुशासन का पूरा उपयोग करते हुए एक नए उत्तराखंड के निर्माण में भागीदार बनाने का भी वादा किया. Uttarakhand Elections 2022: पीएम मोदी उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कुमाऊं में 24 दिसंबर को रैली को संबोधित करेंगे
उन्होंने यहां परेड ग्राउंड में पार्टी की उत्तराखंड नव निर्माण रैली में यह घोषणा की. केजरीवाल ने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि यदि आप उत्तराखंड में सत्ता में आती है, तो कर्नल कोठियाल (मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार) देश की सीमाओं पर जान गंवाने वाले किसी भी सैनिक या ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मी या अर्धसैनिक बल के जवानों के परिवारों से मिलेंगे तथा और उन्हें एक करोड़ रुपये का चेक दिया जाएगा.”
उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले वह एक ‘एनजीओ’ चलाते थे और उस समय उनके सामने अक्सर ऐसे मामले आते थे, जहां शहीदों के परिवारों को कहीं से भी कोई समर्थन नहीं मिलता था.
उन्होंने कहा, "जब मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री बना तो मुझे बताया गया कि ड्यूटी के दौरान मारे गए पुलिसकर्मियों की पत्नियों को एक सिलाई मशीन मिली है. क्या यह शहादत की कीमत हो सकती है?"
उन्होंने कहा, "मैं सेवानिवृत्त और कार्यरत सभी सैनिकों से आप के साथ आने और एक नया उत्तराखंड बनाने की अपील करता हूं."
केजरीवाल ने कहा कि सशस्त्र बलों में सबसे बड़ी भागीदारी उत्तराखंड की है और अगर सैनिक अपना मन बना लें तो राज्य में आम आदमी पार्टी को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों ने आजादी के बाद 75 वर्षों तक जानबूझकर लोगों को अशिक्षित और गरीब बनाए रखा ताकि उनका वोट बैंक के रूप में शोषण किया जा सके. आप नेता ने कहा कि उन्होंने "सभी को शिक्षा" के बाबा साहेब आंबेडकर के सपने को पूरा करने की कसम खाई है.
केजरीवाल ने कहा कि वह आंबेडकर की पूजा करते हैं, जिन्होंने बहुत गरीबी के बावजूद गरीबी और सामाजिक अस्पृश्यता की बाधाओं को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया है और वहां के छात्र अब धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं.
उन्होंने कहा, "हमने दिल्ली में ऐसा किया है और उत्तराखंड में भी करेंगे. आपने भाजपा और कांग्रेस को 10-10 साल दिए. लेकिन उन्होंने आपको निराश किया। आप हमें पांच साल के लिए एक मौका दीजिए और देखिए."
आप नेता ने अपनी पिछली यात्राओं के दौरान राज्य के लोगों से किए गए वादों को भी दोहराया, जिनमें मुफ्त निर्बाध बिजली, युवाओं को नौकरी, 5,000 रुपये का मासिक बेरोजगारी भत्ता, हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह और अयोध्या एवं अजमेर शरीफ सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की मुफ्त तीर्थयात्रा शामिल हैं. केजरीवाल ने कहा, "क्या आप जानते हैं कि धामी को हर महीने 5,000 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती है. उनके मंत्रियों को हर महीने 4,000 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती है, लेकिन जब मैं आम आदमी से 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा करता हूं तो उन्हें यह पसंद नहीं आता है."
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2022 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

