डिब्रूगढ़ (असम), 21 जून असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबीए) द्वारा ऑयल इंडिया लिमिटेड को बाघजन ऑयलफील्ड में अपना उत्पादन एवं ड्रिलिंग अभियान बंद करने का आदेश के दो दिन बाद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाला ने शनिवार को कहा कि प्रशासन को और संवेदनशील होने की जरूरत है तथा वह इस विषय पर गौर करेंगे।
यह सरकारी कंपनी पहले ही घोषणा चुकी है कि यदि उसे असम के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुकूल जवाब नहीं मिला तो वह इस नोटिस पर स्थगन के लिए सोमवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाएगी।
सोनोवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमें और संवेदनशील होने की जरूरत है।’’
उनसे पीसीबीए द्वारा ऑयल को जारी की गयी नोटिस के बारे में पूछा गया था।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बोर्ड का दस्तावेज अब तक पढ़ा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं मामले पर गौर करूंगा।’’
उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी सरकार की प्रमुख चिंता आग है, जिसकी लपटें 27 मई से रिसाव के बाद नौ जून को आग लगने के बाद से उठ रही है तथा यह कि जो लोग परेशान हैं उनकी मदद करना है।
जब उनसे स्पष्ट रूप से पूछा गया कि क्या ऑयल को तिनसुकिया के बाघजन इलाके में अपने सभी कुंओं को बंद करने के बोर्ड के फैसले का सरकार समर्थन करती है तो उन्होंने कहा, ‘‘ नामरूप के तापविद्युत संयंत्र, असम गैस कंपनी, ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलीमर लिमिटेड और ऊपरी असम के सभी चाय बागान ऑयल पर पूरी तरह निर्भर हैं।’’
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