भुवनेश्वर, 14 जून राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बुधवार को रजा उत्सव के शुरू होने पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दीं।
राज्य भर के लोग विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों पर केंद्रित इस तीन दिवसीय कृषि उत्सव को मनाते हैं।
उत्सव के दूसरे दिन को नारीत्व के सम्मान में ‘मिथुन संक्रांति’ कहा जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘मेरे राज्य के लोगों को कृषि उत्सव ‘रजा’ के अवसर पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह उत्सव तीन दिन का होता है और इसे राज्य के हर कोने में मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान लोग अलग-अलग खेल खेलते हैं और लड़कियां झूला झूलती हैं। इस अवसर पर मैं सभी के लिए खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती हूं।’’
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस अवसर पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दीं।
पटनायक ने कहा, ‘‘ओडिशा के गणपरब ‘रजा’ के अवसर पर सभी मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। प्रकृति और नारी के सम्मान के प्रतीक इस उत्सव को आनंद, जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाएं।’’
धरती के सम्मान के रूप में उत्सव के दौरान जमीन खोदने का कार्य या खेती नहीं की जाती है।
‘रजा’ शब्द संस्कृत के शब्द ‘रजस’ से आया है जिसका अर्थ होता है मासिक धर्म। ‘रजस्वला’ का अर्थ है रजस्वला स्त्री। चूंकि मासिक धर्म प्रजनन क्षमता का संकेत माना जाता है इसलिए यह उत्सव स्त्रीत्व और महिला के जन्म देने की क्षमता का जश्न मनाता है।
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