भुवनेश्वर, 29 जनवरी ओडिशा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास कांग्रेस के उन कुछ नेताओं में शामिल थे जिन्होंने नवीन पटनायक की पार्टी से जुड़ने से पहले बीजू जनता दल (बीजद) उम्मीदवारों के खिलाफ लगभग दो दशकों तक चुनावी लड़ाई में जीत हासिल की थी।
दास 2019 में बीजद में शामिल हो गये थे।
दास की रविवार को गोली लगने से अपोलो अस्पताल में मौत हो गई। राज्य के झारसुगुड़ा जिले में एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) ने नब किशोर दास को कथित तौर पर गोली मार दी थी जिसके बाद उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई।
विधि स्नातक दास अपने कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में थे और पश्चिमी ओडिशा के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक, संबलपुर में गंगाधर मेहर कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे थे।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) का सदस्य बनने के बाद वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की ओडिशा इकाई और ओडिशा युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने। वह राजनीति के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े और लगभग दो दशकों तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सदस्य और ओपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2022 में दायर एक संपत्ति विवरण के अनुसार दास को पटनायक के मंत्रिमंडल के सबसे अमीर सदस्यों में से एक माना जाता है और उनके पास 34 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
दास ने राज्य में अपना पहला चुनाव 2009 में झारसुगुड़ा से कांग्रेस के टिकट पर बीजद उम्मीदवार किशोर कुमार मोहंती को हराकर जीता था। मोहंती को हराकर वह 2014 में फिर से झारसुगुड़ा से चुने गए। हालांकि पांच साल बाद उन्होंने बीजद में शामिल होने का फैसला किया।
पश्चिमी ओडिशा के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ, दास को उनके संगठनात्मक कौशल के लिए भी जाना जाता था, जिसका प्रमाण उन्होंने हाल में पदमपुर उपचुनावों में दिया था जहां बीजद उम्मीदवार ने 42 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की थी।
कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के रूप में दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दास के परिवार में पत्नी मिनाती दास और एक बेटा तथा एक बेटी है।
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