देश की खबरें | ओडिशा कांग्रेस ने गिरफ्तार एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की

भुवनेश्वर, तीन फरवरी ओडिशा में विपक्षी कांग्रेस ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को 31 जनवरी को काला झंडा दिखाने के मामले में गिरफ्तार किये गए एनएसयूआई की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष उदित प्रधान समेत आठ कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के गिरफ्तार सदस्यों से यहां झारपड़ा जेल में मुलाकात की, जिसके बाद पार्टी ने यह मांग की।

जेल में कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद, यहां प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयदेव जेना ने कहा कि जब एनएसयूआई के सदस्य लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तो भाजपा सरकार ने अपने पुलिस बल के जरिए उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के पूरी तरह से खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पत्थर, अंडे या टमाटर नहीं फेंके थे। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को काला झंडा दिखाया था, जिन्होंने भारत की आजादी पर टिप्पणी कर स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है।

जेना ने उल्लेख किया कि राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर भागवत ने कहा था कि इस दिन को ‘‘प्रतिष्ठा द्वादशी’’ के रूप में मनाया जाना चाहिए, जो भारत की ‘‘सच्ची स्वतंत्रता’’ का प्रतीक है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘छात्र नेता धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाले युवाओं की आवाज उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन, भाजपा सरकार ने उन्हें जेल में डालकर लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की।’’

उन्होंने भाजपा सरकार से एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने और उन्हें जेल से रिहा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अन्यथा, कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी।

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