देश की खबरें | ओडिशा ने एसआरई योजना के लाभार्थियों में से पांच जिलों का नाम हटाने की मंजूरी दी

भुवनेश्वर, 10 जुलाई ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को राज्य पुलिस के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसमें वाम उग्रवाद प्रभावित स्थानों के लिए केंद्रीय योजना के तहत लाभ पाने के हकदार क्षेत्रों की सूची से पांच जिलों को बाहर करने की बात कही गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही इस संबंध मे एक रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजेगी।

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पुलिस महानिदेशक अभय ने बताया कि अंगुल, बौध, संबलपुर, देवगढ़ और नयागढ़ पांच ऐसे जिले हैं जहां दो साल से कोई नक्सली घटना नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले से अवगत कराया गया था और आवश्यक परामर्श के बाद, उसने सुरक्षा संबंधित व्यय (एसआरई) योजना से इन पांच स्थानों के नाम को लाभार्थियों की सूची से हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

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उन्होंने सभी माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और राज्य-प्रायोजित पुनर्वास पैकेज की मदद से मुख्यधारा में लौटने का आग्रह करते हुए कहा, "ओडिशा पुलिस राज्य को वाम-उग्रवाद मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।"

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि दो साल में ओडिशा के अब तक कुल 11 जिलों को माओवादी गतिविधियों से मुक्त घोषित किया जा चुका है।

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) अमिताभ ठाकुर ने कहा कि मजबूत सुरक्षा प्रतिक्रिया के साथ ही विकास केंद्रित गतिविधियों से राज्य में खास तौर से पिछले कुछ वर्षों में हालात बदले हैं।’’

अप्रैल 2018 में छह जिलों जाजपुर, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, गजपति और गंजाम को माओवादी गतिविधियों से मुक्त घोषित किया गया और इन जिलों को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित सुरक्षा संबंधित व्यय (एसआरई) योजना के दायरे से हटा दिया गया।

एसआरई केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत देशभर के माओवादी प्रभावित जिलों में विकास कार्य किए जाते हैं।

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