नयी दिल्ली, 21 मार्च नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को संसद में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर निशाना साधा और कहा कि पार्टी को सरकार की विमानन नीति के मुद्दे पर एक रूख रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में घरेलू मालवाहकों (फ्रेटर) की संख्या आठ से बढ़कर 28 हो गई है।
उन्होंने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर निशाना साधा। इससे पहले माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने गैर-मेट्रो शहरों में घरेलू एयर कार्गो संचालन में विदेशी मालवाहक को अनुमति देने की सरकार से मांग की थी।
सिंधिया ने कहा कि माकपा सदस्य ब्रिटास और उनकी पार्टी को इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करना चाहिए तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड के कारण, सभी भारतीय मालवाहक वित्तीय समस्या का सामना कर रहे थे और इससे उन्हें आशा की एक किरण मिली है।
उन्होंने कहा कि घरेलू मालवाहकों की संख्या आठ से बढ़कर 28 हुयी है और उनकी संख्या में करीब 3.5 गुना वृद्धि हुई है तथा भारतीय मालवाहक अब अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं।
सिंधिया ने कहा, "यदि आप विदेशी मालवाहकों को अनुमति देना चाहते हैं, तो आपको नागर विमानन से जुड़े अन्य मुद्दों या अपने राज्य के अन्य आर्थिक मुद्दों के संबंध में अलग रुख नहीं रखना चाहिए।"
ब्रिटास ने छह महानगरों के अलावा अन्य हवाई अड्डों पर विदेशी गैर-अनुसूचित कार्गो सेवाओं की अनुमति रद्द करने के लिए सरकार की आलोचना की थी।
सिंधिया ने कहा कि इंडियन एयरलाइंस ने माल ढुलाई के लिए 150 यात्री विमानों में बदलाव किया है और घरेलू परिचालकों की कार्गो क्षमता में वृद्धि हुई है।
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि मालवाहक यहां तक कि दिल्ली से भी माल उठाने से मना कर रहे हैं, जिसके कारण निर्यातकों को समस्या हो रही है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य नहीं है।
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