नयी दिल्ली, 16 जुलाई सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली वितरण समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशने को लेकर नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) के साथ समझौता ज्ञापन पर (एमओयू) हस्ताक्षर किये।
देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, ‘‘एनटीपीसी लि. ने नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लि. (एनआईआईएफएल) के जरिये काम करने वाले एनआईआईएफ के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये।’’
यह भी पढ़े | महाराष्ट्र: पुणे की येरवडा जेल से 5 कैदी फरार, अस्थायी जेल की खिड़की की सलाखें तोड़कर भागे.
एमओयू पर हस्ताक्षर के मौके पर एनटीपीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह और एनआईआईएफएल के प्रबंध निदेशक तथा सीईओ सुजय बोस मौजूद थे।
समझौता वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुआ। एमओयू पर एनटीपीसी की महाप्रबंधक संगीता कौशिक (बीडी-डोमेस्टिक) और एनआईआईएफएल के कार्यकारी निदेशक राजीव धर ने हस्ताक्षर किये।
यह भी पढ़े | Rajasthan political crisis: सियासी संकट के बीच कांग्रेस कमेटी की प्रदेश कार्यकारिणी के साथ सभी विभाग भंग.
इस समझौते के साथ एनटीपीसी और एनआईआईएफ का उद्देश्य भारत के सतत और मजबूत ऊर्जा बुनियादी ढांचा विकास के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना है।
एनटीपीसी की कुल स्थापित क्षमता फिलहाल 62,110 मेगावाट है। कपनी ने 2032 तक 30,000 मेगावाट क्षमता नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत से हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
एनआईआईएफ तीन कोष... मास्टर फंड, फंड ऑफ फंडस और स्ट्रैटजिक आपुर्चुनिटीज फंड...के माध्यम से 4.3 अरब डॉलर कोष का प्रबंधन करता है। तीनों कोष की निवेश रणनीति अलग-अलग है।
एनआईआईएफएल अंतरराष्ट्रीय और भारतीय निवेशकों के लिए एक सहयोगी निवेश मंच है, जिसे केंद्र सरकार का समर्थन प्राप्त है।
यह अपने निवेशकों के लिये आकर्षक जोखिम समायोजित रिटर्न सृजित करने के उद्देश्य के साथ देश में बुनियादी ढांचा, निजी इक्विटी और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY