देहरादून, 18 जून केंद्र द्वारा सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए लाई गई नयी ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देहरादून के व्यस्त घंटाघर इलाके में प्रदर्शन किया।
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने कार्यालय से घंटाघर तक मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला जलाकर सशस्त्र बलों में युवाओं की अल्पकाल भर्ती की नयी योजना का विरोध किया।
एनएसयूआई के राज्य प्रमुख मोहन भंड़ारी ने अग्निपथ योजना को ‘‘चार साल का झुनझुना’’ करार दिया और दावा किया कि यह देश के युवाओं को बर्बाद कर देगा।
कांग्रेस के (देहरादून) नगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा और खटीमा से पार्टी विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की।
कापड़ी ने कहा, ‘‘इस योजना को लेकर युवाओं में नाराजगी है, यह (योजना) उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ की कोशिश है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘वे सशस्त्र बलों से करीब 20 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने के बाद क्या करेंगे?’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महारा ने भी योजना को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह चार साल के बाद युवाओं को अधर में छोड़ देगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस विधायकों ने शुक्रवार को योजना के खिलाफ राज्य विधानसभा से बर्हिगमन किया था।
इस बीच, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के युवाओं को भड़का रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की बढ़ती लोकप्रियता की वजह चिंतित है।
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