कोहिमा, 13 जून नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) ने नगालैंड के लोगों से 26 जून को होने वाले 39 शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में ऐसे उम्मीदवारों को चुनने की अपील की, जो मूल रूप से नगा लोगों की संतान हों, न कि उन्हें जिन्हें गोद लिया गया हो।
छात्र संघ ने दावा किया कि स्थानीय प्रशासन के पदों पर गैर-नगाओं को चुना जाना नगा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है।
संघ के उपाध्यक्ष मत्सीसुडिंग ने बुधवार को कहा, ''एनएसएफ, हमारे संघीय और अधीनस्थ निकायों के साथ मिलकर आगामी शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों में मूल रूप से नगालैंड में जन्मे प्रतिनिधित्व के महत्व पर अपने दृढ़ रुख को दोहराता है।''
उन्होंने कहा कि एनएसएफ प्रदेश के सभी निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में मूल नगा आबादी की आवाज और आकांक्षाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर देता है।
मत्सीसुडिंग ने कहा कि नगा लोगों का एक समृद्ध इतिहास और उनकी जीवंत संस्कृति है, जो शासन संरचनाओं के ताने-बाने में सघनता से बुनी हुई है। उनके अनुसार, शासन का केन्द्र बिन्दु प्रथागत कानूनों और पारंपरिक प्रथाओं का पालन करना है, जो महज प्रतीकात्मक संकेत नहीं बल्कि नगा पहचान का सार हैं।
उन्होंने कहा कि ये प्रथाएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, ''इस संदर्भ में एनएसएफ ऐसे व्यक्तियों को चुनने की आवश्यकता पर जोर देता है, जो इन परंपराओं का पालन और सम्मान करते हों इसलिए गोद लिये हुए नगा उम्मीदवारों के बजाय मूल रूप से यहां जन्मे उम्मीदवारों को चुनने की आवश्यकता है।''
उपाध्यक्ष ने कहा कि एनएसएफ को डर है कि गैर-नगाओं की नियुक्तियां राज्य की पारंपरिक प्रणालियों को बाधित करेंगी और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करेंगी।
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