नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर संसद की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के प्रमुख शशि थरूर और भाजपा सांसद एवं समिति के सदस्य निशिकांत दुबे सोमवार को एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जब कांग्रेस सांसद ने कथित ‘जहरीले’ समाचार चैनलों को नामी कंपनियों द्वारा विज्ञापन दिए जाने पर सवाल खड़ा किया।
थरूर की टिप्पणी पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने स्थायी समिति के मंच का दुरुपयोग किया है।
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तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कहा, ‘‘क्या प्रतिष्ठित कंपनियों को घृणा पैदा करने वाले चैनल पर विज्ञापन देना चाहिए?’’
उन्होंने विज्ञापन देने वाली कई कंपनियों के नाम भी लिए और सवाल किया, ‘‘क्या ये भी पारले की तरह नैतिक साहस जुटा पाएंगी?’’
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थरूर ने परोक्ष रूप से उस हालिया खबर का हवाला दिया, जिसमें बिस्कुट के नामी ब्रांड पारले के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि ‘जहरीली सामग्री प्रसारित करने वाले’ कुछ चैनलों को यह कंपनी विज्ञापन नहीं देगी।
भाजपा सांसद और समिति के सदस्य दुबे ने थरूर की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह स्थायी समिति के प्रमुख के पद का दुरुपयोग कर रहे हैं तथा मीडिया का ध्यान खींचने के लिए लोकसभा अध्यक्ष के परामर्श का उल्लंघन कर रहे हैं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा के निलंबन और फेसबुक प्रकरण को लेकर भी इन दोनों सांसदों ने एक-दूसरे पर निशाना साधा था।
हक
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