नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया कि उसने तीन जिलों में कक्षा पांच, आठ और नौ के छात्रों के लिए चालू शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने की अधिसूचना वापस ले ली है।
न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ कर्नाटक उच्च न्यायालय के 22 मार्च के फैसले के खिलाफ गैर सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों के संगठन द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश की पीठ के छह मार्च के आदेश को खारिज करते हुए राज्य सरकार को शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए कक्षा पांच, आठ, नौ और 11 के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी थी।
उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने कर्नाटक राज्य परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड (केएसईएबी) के माध्यम से इन कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के राज्य सरकार के अक्टूबर 2023 के फैसले को रद्द कर दिया था।
शीर्ष अदालत ने आठ अप्रैल को उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश और कर्नाटक स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा पारित छह अप्रैल के आदेश पर ‘अगले आदेश तक’ रोक लगा दी थी।
पीठ ने तब कहा था, ‘‘यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके तहत कर्नाटक सरकार ने न केवल छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच, बल्कि कर्नाटक राज्य के शिक्षकों और स्कूल प्रबंधनों के बीच भी अराजकता और बड़ी परेशानी पैदा करने की कोशिश की है।’’
भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार को पीठ को सूचित किया कि राज्य सरकार ने अधिसूचना वापस ले ली है।
उन्होंने कहा, ‘‘वापस ले लिया गया है। यह हमारी ओर से एक गलती थी। मैं अपने विद्वान मित्र को आश्वस्त कर सकता हूं कि अगर परीक्षा आयोजित की गई, तो भी कोई परिणाम नहीं आएगा।’’
पीठ ने मामले की सुनवाई एक हफ्ते बाद सूचीबद्ध की है।
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