अहमदाबाद, 25 सितंबर गुजरात उच्च न्यायालय ने लोक रक्षक दल (एलआरडी या पुलिस कांस्टेबल और जेल सिपाही) के पद के लिए आवेदन करने वाले 187 पुरूष उम्मीदवारों की याचिका पर शुक्रवारको राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में पूरी भर्ती प्रक्रिया के साथ ही की गई नियुक्तियों को दरकिनार करने तथा इसे नए सिरे से यह प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति ए सी राव की एकल पीठ ने उन पुरुष उम्मीदवारों की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया जो कुछ अंकों से मेरिट सूची में स्थान बनाने में विफल रहे।
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उम्मीदवारों ने कहा कि यह भर्ती ‘‘मनमानी, भेदभावपूर्ण और जानबूझकर अदालत की अवमानना से ग्रस्त है जिसमें सरकार ने महिला उम्मीदवारों के लिए 2,485 अधिसंख्य पदों का सृजन किया और विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग मेरिट लिस्ट बनायी।’’
इस मामले में अब छह अक्टूबर को आगे सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे मेधावी हैं और कानून के अनुसार उनकी नियुक्ति हो गयी होती लेकिन ‘‘गैरकानूनी और असंवैधानिक प्रक्रिया’’ अपनाये जाने की परिणति 12,000 से अधिक एलआरडी उम्मीदवारों की नियुक्ति के रूप में हुयी है।
उन्होंने कहा कि पाचं हजार से अधिक महिला उम्मीदवारों की नियुक्ति भर्ती प्रक्रिया के अंत में कटआफ अंक को कम करके की गई और वह भी तब जब अंतिम चयन सूची-मेरिट सूची का प्रकाशन हो चुका था और केवल नियुक्ति पत्र जारी होने थे।
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