कोविड-19 से मर गये डॉक्टर के शव को निकालकर फिर दफनाने की उसकी विधवा की अर्जी पर अधिकारियों को नोटिस
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चेन्नई, 13 मई मद्रास उच्च न्यायालय ने कोविड-19 से मर गये डॉ. सिमोन हरक्यूलिस के शव को खोद कर निकालने और यहां किलपौक में फिर से दफनाने की मांग संबंधी उनकी विधवा की अर्जी पर तमिलनाडु के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति एम दुरैसामी ने इस अर्जी पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव और चेन्नई के पुलिस आयुक्त को भी नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति दुरैस्वामी ने अधिकारियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई की तारीख 10 जून तय की।

इससे पहले इसी न्यायालय की एक खंडपीठ ने राहत की मांग करने वाली एक जनहित याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि अधिकारी पहले ही विधवा के अनुरोध को खारिज कर चुके हैं।

लेकिन खंडपीठ ने शोकसंतप्त परिवार को खारिज करने के इस आदेश को अदालत में चुनौती दने की छूट दी थी।

इसी माह के प्रारंभ में वृहत चेन्नई निगम के आयुक्त ने खोदकर शव को निकालने और फिर उसे दफनाने का अनुरोध खारिज कर दिया था।

संबंधित डॉक्टर की 19 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हो गयी थी। जिस एंबुलेंस से उनका शव ले जाया जा रह था, उसमें कुछ लोगों ने इस डर से तोड़-फोड़ की थी कि किलपौक कब्रिस्तान में इस शव को दफनाने से इलाके में यह घातक संक्रमण फैलेगा।

बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच शव एक अन्य कब्रिस्तान में दफनाया गया था।

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