देश की खबरें | सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री में ‘वृद्धि’ को लेकर केंद्र और राज्यों को नोटिस

नयी दिल्ली, 16 मई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भारत में सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार में 250-300 प्रतिशत की वृद्धि संबंधी खबर को लेकर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया है।

आयोग ने मंगलवार को कहा कि कथित तौर पर ऐसी सामग्री विदेश निर्मित है और भारतीय जांच एजेंसियों को अब तक कोई भारत निर्मित सामग्री नहीं मिली है।

इसने एक बयान में कहा कि मीडिया में आई खबर अगर सच है, तो यह नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और सम्मान से संबंधित मानवाधिकारों और सोशल मीडिया पर छोटे बच्चों को उनके यौन शोषण के खतरे से बचाने संबंधी मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

एनएचआरसी ने कहा कि उसने खबर का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि भारत में सोशल मीडिया पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) का प्रसार 250-300 प्रतिशत बढ़ गया है।

बयान में कहा गया कि इसलिए आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों तथा निदेशक, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी कर सोशल मीडिया पर इस तरह के खतरे को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर छह सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मीडिया में 15 मई को आई खबर के अनुसार, 2023 में अब तक बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के लगभग 4,50,207 मामले सामने आए हैं। इनमें से दिल्ली पुलिस ने 3,039 मामलों में कार्रवाई की है और वर्तमान में 4,47,168 मामलों पर गौर किया जा रहा है।

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