देश की खबरें | भारतीय उत्पाद ही नहीं भारत की आवाज भी अब ज्यादा ‘ग्लोबल’ हो रही है: मोदी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ सितम्बर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि न सिर्फ भारतीय उत्पाद, बल्कि भारत की आवाज भी अब ज्यादा ‘ग्लोबल’ हो रही है तथा दुनिया भारत को अब और ज्यादा ध्यान से सुनती है।

जयपुर में जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर समाचारपत्र समूह ‘पत्रिका’ की ओर से निर्मित ‘पत्रिका गेट’ का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति मजबूत हुई है और ऐसे में भारतीय मीडिया को भी ‘ग्लोबल’ होने की जरूरत है।

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उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत है। हमारे अखबारों की, पत्रिकाओं की ग्लोबल साख बने। डिजिटल युग में हम पूरी दुनिया में पहुंचें, दुनिया में जो अलग अलग साहित्यिक पुरस्कार दिये जाते हैं, भारत की संस्थाएं भी वैसे ही पुरस्कार दें.....। ये भी आज समय की मांग है। ये भी देश के लिए जरूरी है।’’

मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया की सराहना करते हुए, इसे लोगों की ‘अभूतपूर्व ’ सेवा बताया और कहा कि मीडिया द्वारा सरकार की आलोचना करना स्वाभाविक है और इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है।

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प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत के स्थानीय उत्पाद आज ग्लोबल हो रहे हैं। भारत की आवाज भी और ज्यादा ग्लोबल हो रही है। दुनिया भारत को और ज्यादा गौर से सुनती है। हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति है। ऐसे में भारत के मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत है।’’

स्वच्छ भारत, उज्ज्वला गैस योजना और जल जीवन मिशन जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए मोदी ने सरकार के कार्यों की विवेचना और आलोचना को स्वाभाविक बताया।

उन्होंने कहा ‘‘हालांकि कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब मीडिया की आलोचना भी होती है और सोशल मीडिया के दौर में तो ये और भी ज्यादा स्वाभाविक हो गया है।’’

मोदी ने कहा कि गरीबों को शौचालय देने वाला और अनेक बीमारियों से बचाने वाला स्वच्छ भारत अभियान हो या माताओं-बहनों को लकड़ी के धुएं से बचाने वाली उज्ज्वला गैस योजना हो या फिर हर घर तक जल पहुंचाने के लिए चल रहा जल जीवन मिशन हो, सभी में मीडिया ने जागरूकता बढ़ाने का काम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के कार्यों की विवेचना, सरकार की योजनाओं में जमीनी स्तर पर जो कमियां हैं, उन्हें बताना, उनकी आलोचना करना, ये भी हमारा मीडिया बखूबी करता रहा है। आलोचना से सीखना भी हम सबके लिए उतना ही स्वाभाविक है। इसीलिए ही आज हमारा लोकतन्त्र इतना सशक्त हुआ है, मजबूत हुआ है।’’

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और ‘लोकल के लिए वोकल’ संकल्प को एक बड़े अभियान की शक्ल देने और उसे व्यापक करने की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह आज हम अपनी विरासत, अपने विज्ञान, अपनी संस्कृति, अपने सामर्थ्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उसे स्वीकार कर रहे हैं, उसी तरह हमें अपने इस आत्मविश्वास को आगे बढ़ाना है। आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात कर रहे हैं, आज जब लोकल के लिए वोकल होने की बात कर रहे हैं, तो मुझे खुशी है कि हमारा मीडिया इस संकल्प को एक बड़े अभियान की शक्ल दे रहा है। हमें अपने इस दृष्टिकोण को और व्यापक करने की जरूरत है।’’

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पत्रिका समूह के अध्यक्ष गुलाब कोठारी द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘संवाद उपनिषद’ और ‘अक्षर यात्रा’ का विमोचन भी किया और भारतीय संस्कृति, भारतीय सभ्यता तथा मूल्यों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उनकी सराहना भी की।

उन्होंने कहा, ‘‘उपनिषद संवाद और अक्षर यात्रा भी भारतीय चिंतन की एक कड़ी के रूप में लोगों तक पहुंचेंगी, ऐसी मेरी अपेक्षा है। आज टेक्स्ट और ट्वीट के इस दौर में ये और ज्यादा जरूरी है कि हमारी नई पीढ़ी गंभीर ज्ञान से दूर न हो जाए।’’

इस कार्यक्रम में जयपुर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र भी शामिल हुए।

ब्रजेन्द्र

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