नयी दिल्ली, 11 फरवरी सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि किसानों के आंदोलन के केंद्र में रहे और बाद में वापस ले लिये गए तीन कृषि कानूनों को फिर से लाने की उसकी कोई योजना नहीं है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने उच्च सदन में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि वापस लिए गए तीन कृषि कानूनों को भविष्य में फिर से लाने की सरकार की कोई योजना नहीं है।
उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल किया था कि क्या वापस लिए गए कृषि कानूनों को भविष्य में फिर से लाने की सरकार की कोई योजना है?
खड़गे ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार तीन कृषि कानूनों के खिलाफप्रदर्शन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को कोई मुआवजा प्रदान करेगी?
इसके जवाब में तोमर ने कहा, ‘‘ किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजे आदि का विषय संबंधित राज्य सरकारों के पास है।’’
इसके साथ ही तोमर ने कहा कि भारत सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए हर साल दोनों फसल मौसमों में उचित औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) की 22 प्रमुख कृषि जिंसों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करती है।
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