विदेश की खबरें | स्वीडन की नाटो सदस्यता पर तुर्किये के रूख में कोई बदलाव नहीं : एर्दोआन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

गौरतलब है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद स्वीडन ओर फिनलैंड ने एक साथ नाटो की सदस्यता के लिए आवेदन दिया था। तुर्किये की संसद द्वारा फिनलैंड के अनुरोध को अनुमति दिए जाने के बाद फिनलैंड अप्रैल में नाटो का 31वां सदस्य बन गया, लेकिन तुर्किये ने अभी तक स्वीडन के आवेदन को मंजूरी नहीं दी है।

नाटो चाहता है कि लिथुआनिया की राजधानी में 11-12 जुलाई को होने वाली उसकी बैठक से पहले स्वीडन संगठन का हिस्सा बन जाए।

अजरबैजान की आधिकारिक यात्रा से वापसी में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में एर्दोआन ने कहा कि (स्वीडन की सदस्यता पर) तुर्किये का रूख ‘सकारात्मक’ नहीं है।

तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी ‘एनदोलु’ और अन्य मीडिया में एर्दोआन की इस टिप्पणी की पृष्ठभूमि में बुधवार को अंकारा में नाटो के वरिष्ठ अधिकारियों, स्वीडन, फिनलैंड और तुर्किये की बैठक हो रही है।

अधिकारियों के बीच फिनलैंड और स्वीडन द्वारा कथित आतंकवादी संगठनों को लेकर तुर्किये की चिंताओं के समाधान के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा होनी है।

एर्दोआन ने कहा कि बैठक में तुर्किये का प्रतिनिधिमंडल यही संदेश देगा कि ‘‘यह हमरे राष्ट्रपति के विचार हैं और विलनियुस (लिथुआनिया की राजधानी) में इससे कुछ अलग की आशा मत कीजिएगा।’’

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