देश की खबरें | दिल्ली में बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं, हालांकि बिल में हो सकती आंशिक वृद्धि

नयी दिल्ली, 30 सितंबर बिजली नियामक डीईआरसी ने बृहस्पतिवार को दाम में वृद्धि के बिना नयी दरों की घोषणा करते हुए कहा कि वह ऐसा करने की कोई ‘अच्छी वजह’ नहीं समझता।

हालांकि, एक अक्ट्रबर से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में आंशिक वृद्धि हो सकती है क्योंकि दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) ने पेंशन अधिभार को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया है।

डीईआरसी ने एक बयान में कहा, ‘‘ सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करने के बाद आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि मौजूदा दर के ढांचे में वृद्धि की कोई वजह नहीं है।’’

पिछले वित्तवर्ष (2020-21) में भी डीईआरसी ने कोविड-19 महामारी के चलते बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की थी।

नयी बिजली दर आदेश में डीईआरईसी ने हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करते हुए वर्चुअल ऐंड ग्रुप नेट मीटरिंग माध्यम के तहत नवीनीकरण ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विकासकर्ताओं का लाइन सह विकास (एसएलडी) और नेटवर्क उन्नति शुल्क माफ करने का फैसला किया है।

प्रदूषण मुक्त परिवहन और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने वाहनों के लिए बिजली की दर में दी जाने वाली सब्सिडी को जारी रखने का फैसला किया है।

आयोग ने वर्ष 2021-21 के लिए नियामक संपत्ति अधिभार के मौजूदा आठ प्रतिशत की दर में भी कोई बदलाव नहीं किया है। यह अधिभार दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं पर लगाया जाता है।

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से दिल्ली में बिजली की दरों में बड़ी वृद्धि नहीं की गई है। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता दावा करते हैं कि देश में दिल्ली ऐसा शहर है जहां पर बिजली ‘सबसे सस्ती’ है।

दिल्ली की बिजली कंपनियां-बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल- ने डीईआरसी के समक्ष आवेदन कर कोविड-19 की वजह से घाटे का हवाला देते हुए बिजली की दरों में वृद्धि करने की मांग की थी।

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