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देश की खबरें | नीतीश कुमार ने आरएसएस, भाजपा को बिहार में अपना आधार बढ़ाने में मदद की: राजद नेता तेजस्वी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘विभाजनकारी’ राजनीतिक ताकतों के साथ हाथ मिलाने के लिए आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में अपना आधार मजबूत करने में मदद की है।

देश की खबरें | नीतीश कुमार ने आरएसएस, भाजपा को बिहार में अपना आधार बढ़ाने में मदद की: राजद नेता तेजस्वी

पटना, 10 अगस्त राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘विभाजनकारी’ राजनीतिक ताकतों के साथ हाथ मिलाने के लिए आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राज्य में अपना आधार मजबूत करने में मदद की है।

यादव ने राजद कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “भाजपा समाज में नफरत फैला रही है जबकि हमें गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “भाजपा जाति, पंथ और धर्म के नाम पर देश को बांटने की कोशिश कर रही है। नीतीश ने इन विभाजनकारी ताकतों के साथ हाथ मिला लिया है और बिहार में अपना आधार बढ़ाने में आरएसएस और भाजपा का लगातार समर्थन किया है।”

यादव ने भाजपा पर राज्य और पूरे देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “राजद सरकार के दौरान बिहार में कभी सांप्रदायिक झड़पें नहीं हुईं। अब भाजपा और उसके सहयोगी आरक्षण प्रावधानों और वक्फ बोर्ड में बदलाव जैसे विवादास्पद मुद्दों को उठाकर अल्पसंख्यक समुदायों, सामाजिक तौर पर हाशिए पहुंचे समूहों और गरीबों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों को महत्वपूर्ण मुद्दों से भटकाने के लिए सांप्रदायिक नफरत का इस्तेमाल कर रही है।

यादव 15 अगस्त के बाद राज्यव्यापी यात्रा की तैयारी में जुटे हैं।

उन्होंने कहा, “भाजपा नेता बेरोजगारी या महंगाई के बारे में बात करने से बचते हैं। वे केवल सांप्रदायिक नफरत फैलाने पर ध्यान देते हैं। अगर किसान विरोध करते हैं, तो उन्हें खालिस्तानी करार दिया जाता है। अगर मुसलमान अपने अधिकारों की वकालत करते हैं, तो उन्हें आतंकवादी कहा जाता है। संविधान पर हमला करने वाली और नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने वाली ताकतों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2024 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).