नयी दिल्ली, 17 मई निकहत जरीन, मनीषा मून और परवीन हुड्डा इस्तांबुल में बुधवार को आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप सेमीफाइनल में उतरेंगे तो उनका इरादा अपने पदक का रंग बदलने का होगा ।
तीनों ने सोमवार को क्वार्टर फाइनल में रोमांचक जीत दर्ज करके कम से कम कांस्य पदक पक्के कर लिये थे ।
महिला टीम के मुख्य कोच भास्कर भट्ट ने इस्तांबुल से पीटीआई से कहा ,‘‘ प्रदर्शन संतोषजनक रहा । मुक्केबाजों ने अच्छा खेल दिखाया और रिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया ।’’
निकहत (52 किलो) का सामना ब्राजील की कैरोलिन डे अलमीडा से होगा । पूर्व युवा विश्व चैम्पियन निकहत ने फरवरी में स्टृांजा मेमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता था । यहां पर भी उन्होंने सभी मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की ।
पहली बार चैम्पियनशिप में उतरी परवीन 63 किलो में यूरोपीय चैम्पियनशिप की कांस्य पदक विजेता आयरलैंड की एमी ब्रॉडहर्स्ट से खेलेगी ।
मनीषा 57 किलो में तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और पूर्व यूरोपीय चैम्पियन इटली की इरमा तेस्ता का सामना करेगी ।
एशियाई चैम्पियनशिप 2019 की कांस्य पदक विजेता मनीषा 2018 में क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गई थी । इस बार उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अपने से बेहतर प्रतिद्वंद्वियों को हराया है ।
भारत ने इस चैम्पियनशिप में 2006 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके चार स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे ।
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