कोच्चि, छह अगस्त केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सामने दावा किया है कि राज्य प्रशासन के शीर्ष कार्यालय में उसका ‘‘अच्छा प्रभाव’’ है। यह बात बृहस्पतिवार को यहां की एक अदालत को बताई गई।
एनआईए की विशेष अदालत में जांच एजेंसी ने उसकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि सुरेश के तिरूवनंतपुरम में यूएई के वाणिज्य दूतावास से इस्तीफा देने के बावजूद उसे वेतन मिलता था।
एनआईए ने दावा किया कि वाणिज्य दूतावास में नौकरी छोड़ने के बावजूद वह वाणिज्य दूतावास से जुड़े लगभग हर मामले में दखल देती थी। साथ ही एजेंसी ने मामले में अब तक की जांच भी अदालत से साझा की।
सुरेश और सह आरोपी संदीप नायर को बेंगलुरू से एनआईए ने 11 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सोना तस्करी के मामले में एजेंसी ने अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
यह भी पढ़े | Coronavirus: महाराष्ट्र में आज COVID-19 के 11,514 नए मामले सामने आए, 316 की मौत.
एनआईए ने अदालत को दिए हलफनामे में बताया कि मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना ने पूछताछ के दौरान सूचित किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उसका ‘‘अच्छा प्रभाव’’ था।
उसने एजेंसी के समक्ष यह भी कथित तौर पर स्वीकार किया कि निलंबित आईएएस अधिकारी एम. शिवशंकर से उसके अच्छे ताल्लुकात थे।
सुरेश ने कहा है कि हाल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के प्रधान सचिव पद से हटाए गए शिवशंकर उसके मार्गदर्शक की तरह थे।
जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए एनआईए ने कहा कि मामले में विस्तृत जांच की जानी है जिसमें महिला मुख्य सह आरोपियों के साथ मिलकर पिछले वर्ष नवम्बर से सौ करोड़ रुपये से अधिक का सोना अवैध रूप से राजनयिक चैनल के माध्यम से लाई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY