देश की खबरें | एनआईए ने आईएसआईएस की साजिश से जुड़े मामले में कर्नाटक के नौ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

नयी दिल्ली, एक जुलाई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने देशभर में आतंकवादी हमले करने की आईएसआईएस की साजिश से जुड़े एक मामले में कथित संलिप्तता को लेकर कर्नाटक के नौ लोगों के खिलाफ अपना पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। आईएसआईएस एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है।

अभिकरण ने बताया कि आरोपपत्र में जिन नौ लोगों का उल्लेख है उनमें पाचं तकनीकी पृष्ठभूमि के हैं तथा उन्हें विदेशी धरती से आईएसआईएस के आका (हैंडलर) ने आतंकी संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने एवं आतंकवादी हमले करने के लिए रोबोटिक्स का कोर्स करने का निर्देश दिया था।

यह आरोपपत्र शुक्रवार को दाखिल किया गया जिसमें मोहम्मद शरीक (25), माज मुनीर अहमद (23), सैयद यासिन (22), रीशान थाजुद्दीन शेख (22) हुजैर फरहान बेग (22), माजिद अब्दुल रहमान (22), नदीम अहमद के ए (22), जीउल्लाह (32) और नदीम फैजल एन (27) नामजद हैं।

एनआईए ने बताया कि ये सभी कर्नाटक के रहने वाले हैं और उनपर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम, भादंसं तथा संपत्ति विध्वंस एवं नुकसान अधिनियम की संबंधित धाराएं लगायी गयी हैं।

संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि अहमद और सैयद यासीन के खिलाफ इस साल मार्च में आरोपपत्र दाखिल किया गया था और उन्हें अब अन्य अपराधों को लेकर भी आरोपित किया गया है ।

उसने बताया कि अहमद, सैयद, रीशान, थाजुद्दीन शेख, माजिद अब्दुल रहमान और नदीम अहमद के ए ने यांत्रिकी और इलेक्ट्रिकल अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर रखी है।

संघीय जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘ उन्हें विदेशी धरती से आईएसआईएस के आका ने देश में आतंकी संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने एवं आतंकवादी हमले करने के लिए रोबोटिक्स का कोर्स करने का निर्देश दिया था।’’

उसने कहा कि जांच से खुलासा हुआ है कि शरीक, मुनीर और यासिन ने इस्लामिक इस्टेट के निर्देश पर इस क्षेत्र में आतंक एवं हिंसा बढ़ाने के लिए विदेश स्थित आईएसआईएस सदस्यों की मिलीभगत से आपराधिक साजिश रची थी।

एनआईए ने बताया कि इन तीनों ने देश की सुरक्षा, एकता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के मकसद से सह -आरोपियों को कट्टरपंथ की घुट्टी पिलायी और उनकी अपने संगठन में भर्ती की।

उसने बताया कि ऑनलाइन आका (हैंडलर) ने ‘क्रिप्टोकरेंसी’ की मदद से आरोपियों तक पैसे पहुंचाये।

यह मामला शुरू में पिछले साल 19 नवंबर को शिवमोगा ग्रामीण पुलिस ने दर्ज किया और बाद में 15 नवंबर को एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली।

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