देश की खबरें | एएसआर जिले के आदिवासी गांव में 'स्कूल की कमी' को लेकर आंध्र सरकार को एनएचआरसी का नोटिस

नयी दिल्ली, दो जून राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) जिले के जाजुलबंधा आदिवासी गांव में कोई स्कूल स्थापित नहीं करने को लेकर मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

एनएचआरसी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक चूंकि बच्चे स्कूल के लिए जंगल में छह किलोमीटर के ऊबड़-खाबड़ इलाके से होकर नहीं जा सकते, इसलिए वे अपने माता-पिता के साथ काम करना पसंद करते हैं।

बयान में कहा गया है कि एनएचआरसी ने इस मामले में मीडिया में आई खबर का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग का मानना है कि यदि खबर की सामग्री सत्य है, तो यह बच्चों के शिक्षा के अधिकार से संबंधित एक गंभीर चिंता पैदा करती है।

एनएचआरसी ने इस मामले में आंध्र प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि वह खबर के साथ-साथ राज्य के अन्य हिस्सों में उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए उठाए गए/प्रस्तावित कदमों के बारे में जानना चाहता है जहां लोगों को इसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, 31 मई को जारी खबर के मुताबिक आदिवासी गांव में 1-10 साल की उम्र के 60 बच्चे हैं। एक गैर-सरकारी संगठन ने गांव में एक अस्थायी स्कूल के निर्माण पर कथित रूप से लगभग 1.20 लाख रुपये खर्च किए व किताबें और ब्लैकबोर्ड भी प्रदान किये । इसके अनुसार अब यहां बच्चों के लिए एक शिक्षक की जरूरत है।

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