नयी दिल्ली, 20 अप्रैल 'राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण' (एनजीटी) ने 'जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति' और बडगाम के जिलाधिकारी को तथ्यों की जांच करने और पुंछ नदी में 'ठोस और बायो-मेडिकल कचरे' की कथित अवैज्ञानिक तरीके से डंपिंग पर रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया है।
प्राधिकरण, एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें दावा किया गया था कि इस तरह के कचरे को पुंछ नदी और पुंछ शहर के पास बेलार नाले के संगम पर फेंका जा रहा है।
चेयरपर्सन जस्टिस ए के गोयल की पीठ ने कहा, "जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति (जेकेपीसीसी) और बडगाम के जिलाधिकारी तथ्यों की पुष्टि करने के बाद एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करें और दो महीने के भीतर उपचारात्मक कार्रवाई करें।"
उन्होंने कहा, "जेकेपीसीसी समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी होगी।"
न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि रिपोर्ट में इस तरह की डंपिंग को रोकने और क्षेत्र में ठोस और जैव-मेडिकल कचरे के प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख करना है।
मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।
याचिका के अनुसार, कचरे की डंपिंग ने पीने के पानी के नदी स्रोत को प्रदूषित कर दिया और संबंधित अधिकारी जानकारी के बावजूद उपचारात्मक कार्रवाई करने में विफल रहे।
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