देश की खबरें | एनजीटी ने उत्तराखंड के तीर्थयात्रा मार्ग पर अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

नयी दिल्ली, नौ अगस्त राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संबंधित अधिकारियों को उत्तराखंड के चार तीर्थों के यात्रा मार्गों पर अपशिष्ट प्रबंधन पर उसके पिछले निर्देशों के अनुपालन के संबंध में तीन सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।

अधिकरण उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें फरवरी के उसके आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने का दावा किया गया है। फरवरी में एनजीटी ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन खासकर चार तीर्थधामों - केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, यमुनोत्री और गोमुख के यात्रामार्ग पर अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर उपचारात्मक कार्रवाई का आदेश दिया था।

अधिकरण ने एक समिति बनायी थी और संबंधित अधिकारियों को अपशिष्ट प्रबंधन के सिलसिले में स्थिति का जायजा लेने, रोडमैप तैयार करने और उपाय करने का निर्देश दिया था।

कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति एस.के. सिंह की पीठ ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव, अवर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और रुद्रपयाग तथा उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों की समिति को ‘आगे की कार्रवाई’ के लिए निर्देश जारी किया गया था।

मंगलवार को न्यायमूर्ति सिंह, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरूण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा रुद्रप्रयाग एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को अधिकरण के आठ फरवरी, 2023 के आदेश के अनुपालन में ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ तीन सप्ताह के अंदर जमा करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई चार सितंबर को होगी।

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