नयी दिल्ली, 29 दिसंबर जनवरी 2023 से 50 ‘हॉर्स पावर’ से अधिक की इंजन शक्ति के ट्रैक्टरों के लिए नया उत्सर्जन मानक, भारत स्टेज टीआरईएम-चार लागू होने जा रहा है जो घरेलू टैक्टरों की मात्रा के लगभग 7-8 प्रतिशत भाग को प्रभावित करेगा। साख निर्धारक एजेंसी, इक्रा के अनुसार, इस नये मानक के कारण निर्माताओं पर जो लागत वृद्धि का बोझ आयेगा उसे धीरे-धीरे ग्राहकों पर डाले जाने की संभावना है।
इक्रा ने एक बयान में कहा, कुल उद्योग का एक बड़ा हिस्सा जिसमें 50 हॉर्स पावर (एचपी) से कम इंजन शक्ति वाले ट्रैक्टर आते हैं, उनकी कुल बिक्री में हिस्सेदारी, वित्त वर्ष 2021-22 में लगभग 92 प्रतिशत थी और इन पर भारत स्टेज टीआरईएम-तीन ए मानदंड लागू रहेंगे।
50-एचपी से अधिक की श्रेणी के लिए संशोधित उत्सर्जन मानदंडों के कार्यान्वयन को शुरू में अक्टूबर 2020 से लागू किया जाना था, लेकिन महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधानों के बीच सरकार ने उद्योग के प्रतिनिधित्व का संज्ञान लेते हुए इसे कई बार टाल दिया।
इक्रा के कॉर्पोरेट रेटिंग्स विभाग के उपाध्यक्ष, रोहन कंवर गुप्ता ने कहा, ‘‘भारत एक मध्यम-से-उच्च एचपी ट्रैक्टर खपत करने वाला बाजार बना हुआ है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत बिक्री 30-50 एचपी ट्रैक्टरों की होती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जनवरी 2023 से लागू संशोधित उत्सर्जन मानदंड केवल 50 एचपी से अधिक ट्रैक्टरों पर लागू होंगे, जो कुल उद्योग मात्रा के लगभग 7-8 प्रतिशत ट्रैक्टरों को प्रभावित करेगा।’’
उन्होंने कहा कि संशोधित मानदंडों को पूरा करने के लिए तकनीकी जानकारी मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के पास आसानी से उपलब्ध है क्योंकि निर्यात मॉडल पहले से ही विकसित उत्सर्जन मानदंडों को पूरा कर रहे हैं।
गुप्ता ने कहा,‘‘हालांकि, कीमतों के प्रति संवेदनशील कृषक समुदाय के लिए बढ़ोतरी का असर धीरे-धीरे ही पहुंचने की उम्मीद है।’’
भारत में, ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण के लिए उत्सर्जन मानकों को व्यापक ऑटोमोबाइल उद्योग द्वारा अलग से विनियमित किया जाता है, जो पहले ही अप्रैल 2020 से बीएस-6 मानदंडों में स्थानांतरित हो चुका है।
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