नयी दिल्ली, 20 अप्रैल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में शुद्ध रूप से नये पंजीकृत अंशधारकों की संख्या इस साल जनवरी की तुलना फरवरी में घटकर 10.34 लाख रही। ईपीएफओ में पंजीकृत कर्मचारियों के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में शुद्ध नए पंजीकरण 10.71 लाख हुए थे।
ईपीएफओ का यह आंकड़ा संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की स्थिति का संकेत है।
सोमवार को जारी नियमित वेतन वाले कर्मचारियों के आंकड़े के अनुसार 2019-20 में अप्रैल-फरवरी के दौरान शुद्ध रूप से नये अंशधारकों की संख्या बढ़कर 76.53 लाख रही जो पूरे 2018-19 में 61.12 लाख थी।
ईपीएफओ नियमित वेतन पर रखे जाने वाले या नये अंशधारकों का आंकड़ा अप्रैल 2018 से जारी कर रहा है। इसमें सितंबर 2017 और उसके बाद की अवधि को शामिल किया गया है।
आंकड़े के अनुसार सितंबर 2017 से फरवरी 2020 के दौरान शुद्ध रूप से नये अंशधारक करीब 1.53 करोड़ रहे।
ईपीएफओ ने कहा कि नये अंश्धारकों का आंकड़ा अस्थायी है क्योंकि कर्मचारियों के रिकार्ड का अद्यतन एक निरंतर प्रक्रिया है।
ईपीएफओ का अनुमान शुद्ध रूप से जुड़े अंशधारकों के आधार पर है। यानी इसमें नये पंजीकृत सदस्यों, इससे बाहर हुए तथा फिर जुड़े लोगों का ध्यान रखा गया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन देश में संगठित और अर्द्ध संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कोष का प्रबंधन करता है। संगठन के अंशधारकों की संख्या 6 करोड़ (साल में कम-से-कम एक महीने के योगदान वाले) से अधिक है।
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