विदेश की खबरें | नेपाल: प्रधानमंत्री प्रचंड तीन सहयोगी दलों के सरकार से निकलने के बाद अब मंत्रिमंडल में करेंगे फेरबदल
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, 28 फरवरी नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ उनकी सरकार से तीन राजनीतिक दलों के बाहर निकलने पर रिक्त हुए करीब 16 मंत्री पदों को भरने करने के लिए अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं। मीडिया में मंगलवार को आई एक खबर में यह जानकारी दी गई।

नेपाल की संसद में देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी सीपीएन-यूएमएल ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार के समर्थन को लेकर मतभेद पैदा होने के बाद सोमवार को प्रचंड नीत सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। इसके साथ ही, देश में राजनीतिक अस्थिरता का एक नया दौर शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) भी सरकार से बाहर निकल गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने भी सरकार से अपने मंत्रियों को हटा लिया है। हालांकि, यह बाहर से सरकार का समर्थन करना जारी रखेगी।

सरकार से तीन बड़े राजनीतिक दलों के बाहर निकलने के साथ सात दलों का सत्तारूढ़ गठबंधन टूट गया है।

एक समाचार पत्र की खबर में कहा गया है कि प्रचंड ने अब नेपाली कांग्रेस और छह अन्य दलों से हाथ मिलाया है तथा यथाशीघ्र एक नया सत्ता साझेदारी समझौता चाहते हैं।

इस बीच, जनमत पार्टी, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी ने पूर्ववर्ती गठजोड़ छोड़ दिया है और वे नेपाली कांग्रेस तथा मओइस्ट सेंटर नीत नये गठबंधन में शामिल हो गये हैं।

खबर में कहा गया है कि नौ मार्च को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में रिक्त हुए पदों को भरने के लिए मंगलवार से चर्चा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

नये गठबंधन के घटक दल सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के प्रवक्ता जगन्नाथ खतिवडा ने कहा, ‘‘हालांकि, नये गठबंधन के लिए बैठक का कार्यक्रम तय किया जाना अभी बाकी है, पर मुझे लगता है कि चर्चा कल से शुरू होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उम्मीद नहीं की थी कि यूएमएल इतनी जल्द गठबंधन से निकल जाएगा। अब चीजें तेजी से घटित होंगी।’’

प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार एम तिमिलसिना ने कहा कि सत्तारूढ़ दलों के एक या दो दिनों के अंदर मंत्रियों के विभागों के आवंटन पर चर्चा करने की उम्मीद है क्योंकि मंत्रालयों को लंबे समय तक खाली नहीं रखा जा सकता।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को यूएमएल के आठ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपा, जबकि आरपीपी के चार मंत्रियों ने रविवार को यह कदम उठाया था। आरएसपी के तीन मंत्रियों ने गृह मंत्रालय नहीं मिलने पर इस्तीफा दे दिया।

नेपाल की 275 सदस्यीय संसद में, यूएमएल के 79 सांसद हैं, जबकि सीपीएन(माओइस्ट सेंटर) के 32, सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट),आरएसपी के क्रमश: 10 और 20 सदस्य हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के चार और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के तीन सदस्य हैं।

प्रचंड को प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए संसद में 138 वोट की जरूरत है।

संसद में तीन बड़े दलों, नेपाली कांग्रेस(89), सीपीएन-माओइस्ट सेंटर (32) और आरएसपी(20) के साथ प्रचंड को कम से कम 141 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

अब यूएमएल मुख्य विपक्षी पार्टी हो गई है।

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