विदेश की खबरें | नेपाल ने 'आदिपुरुष' संवाद विवाद के बीच हिंदी फिल्मों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

(शिरीष बी प्रधान)

(तस्वीर के साथ)

काठमांडू, 19 जून फिल्म ‘आदिपुरुष’ के संवादों को लेकर उठे विवाद और फिल्म में माता सीता का उल्लेख "भारत की बेटी" के रूप में किये जाने के बाद नेपाल में ‘आदिपुरुष’ सहित सभी हिंदी फिल्मों के प्रदर्शन पर सोमवार को रोक लगा दी गई।

खबरों के मुताबिक, ओम राउत निर्देशित ‘आदिपुरुष’ की स्क्रीनिंग पर काठमांडू और पोखरा में प्रतिबंध लगाये जाने के बाद रामायण पर आधारित इस फिल्म पर पूरे नेपाल में रोक लगा दी गई है।

काठमांडू के 17 सिनेमाघरों में यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया कि यहां कोई हिंदी फिल्म प्रदर्शित न हो।

काठमांडू के महापौर बालेंद्र शाह ने रविवार को कहा कि शहर में किसी भी हिंदी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक कि ‘आदिपुरुष’ में "जानकी भारत की एक बेटी है" संवाद को न केवल नेपाल में बल्कि भारत में भी हटा दिया जाता है।

गौरतलब है कि माता सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है। कई लोगों का मानना है कि उनका जन्म नेपाल के जनकपुर में हुआ था।

पोखरा के महापौर धनराज आचार्य ने कहा कि प्रभास और कृति सेनन अभिनीत फिल्म ‘आदिपुरुष’ के प्रदर्शन पर सोमवार से रोक लगा दी जाएगी। काठमांडू के महापौर के अनुसार, फिल्म ‘आदिपुरुष’ को उसके एक संवाद को हटाये बिना प्रदर्शित करने से "अपूरणीय क्षति" होगी।

उन्होंने रविवार को एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "सोमवार, 19 जून से काठमांडू शहर में सभी हिंदी फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी, क्योंकि फिल्म 'आदिपुरुष' के संवाद में आपत्तिजनक शब्द अभी तक नहीं हटाए गए हैं।"

फिल्म पर विवाद बढ़ता देख इसके संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने रविवार को कहा कि फिल्म निर्माताओँ ने "कुछ संवादों को संशोधित करने" का फैसला किया है, क्योंकि संवाद में आपत्तिजनक के कारण फिल्म की भारी आलोचना हो रही है।

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