पुलिस के अधिकारी ने बताया कि छात्र मयंक कुमार ने बुधवार दोपहर जवाहर नगर थाने के तलवंडी इलाके में अपने पेइंग गेस्ट (पीजी) कमरे में खुद को आग लगा ली।
पुलिस के मुताबिक बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले का रहने वाला छात्र पिछले दो महीने से कोटा में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए स्वाध्याय कर रहा था तथा छात्र ने यह कदम उठाया क्योंकि उसके पिता उसे कथित तौर पर बार-बार पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने को कह रहे थे।
एमबीएस अस्पताल (बर्न यूनिट) के डॉ. नीरज देवंदा ने कहा कि मयंक के शरीर का ऊपरी हिस्सा और चेहरा कम से कम 60 फीसदी तक जल गया है, उसे पीजी के एक कर्मी द्वारा अस्पताल लाया गया था।
उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें बृहस्पतिवार सुबह बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया।
पुलिस ने मुताबिक पीजी कर्मी ने मयंक के पिता को घटना की सूचना दी, मयंक के पिता अपने बेटे से मुलाकात के बाद वापस बिहार जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मयंक के पिता आगे के इलाज के लिए उसे बिहार ले गए हैं।
छात्र के पिता संजय कुमार ने कहा, ''मैं बिहार के लिए ट्रेन पकड़ने की खातिर कोटा रेलवे स्टेशन पर था, तब पीजी कर्मी ने फोन किया और घटना की जानकारी दी। मयंक पढ़ाई करने के लिए कोटा आया है, हालांकि, उसने यहां किसी भी कोचिंग संस्थान में दाखिला नहीं लिया। वह स्वाध्याय कर रहा था।''
संजय के मुताबिक, बुधवार सुबह उन्होंने बेटे से बातचीत के दौरान पढ़ाई और लक्ष्य पर फोकस करने के लिए कहा था। पिता के मुताबिक सब कुछ सामान्य था और दोनों ने दोपहर का खाना भी साथ खाया था।
कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करने वाले कोचिंग संस्थानों का प्रमुख केंद्र है और पिछले साल यहां कम से कम 15 छात्रों ने आत्महत्या कर लिया था।
साजन
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