पणजी, 23 अगस्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उच्च शिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तरीय क्षमता विकसित करने के महत्व को रेखांकित करते हुए बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय नीति से कौशल विकास, उद्योग सम्पर्क और रोजगार के बीच सामंजस्य स्थापित करके समग्र शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुर्मू ने गोवा के राजभवन में गोवा विश्वविद्यालय के 34 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘शिक्षा एक आजीवन प्रक्रिया है। निरंतर सीखने वाले, जीवन में अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ चुनौतियों का सामना करने में भी सक्षम होंगे।’’
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष आज विश्व में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं तथा उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि गोवा विश्वविद्यालय नवोन्मेष को बढ़ावा दे रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्व स्तरीय क्षमता विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, ‘‘ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु हमारी शिक्षा प्रणाली में सुधार लाए जा रहे हैं। यह शिक्षा नीति कौशल विकास, उद्योग सम्पर्क और रोजगार के बीच सामंजस्य स्थापित करके समग्र शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।’’
इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लै और राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है।
मुर्मू ने छात्रों से कहा कि उन्होंने जो डिग्रियां अर्जित की हैं, वे उन्हें रोजगार पाने या व्यवसाय शुरू करने में मदद करेंगी लेकिन एक गुण जो उन्हें जीवन में बहुत आगे ले जा सकता है, वह है कभी हार न मानने का साहस।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने गोवा विश्वविद्यालय के छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं जिन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूरा किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न विभागों को समेकित करके अंतःविषयी अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए गोवा विश्वविद्यालय के परिसर में विभिन्न स्कूल बनाए गए हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इस पहल के लिए गोवा विश्वविद्यालय की सराहना की और कहा कि इस विश्वविद्यालय में शिक्षा, अनुसंधान और नवोन्मेषण के लिए उत्कृष्टता का केंद्र बनने की असीम संभावनाएं हैं।
मुर्मू ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में लगभग 55 प्रतिशत लड़कियां हैं। आज जिन विद्यार्थियों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए, उनमें भी साठ प्रतिशत छात्राएं हैं। बेटियों को आत्मविश्वास और योग्यता के बल पर आगे बढ़ते हुए देखकर मुझे बहुत प्रसन्नता होती है।’’
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि गोवा विश्वविद्यालय ने 'उन्नत भारत अभियान' के तहत पांच गांवों को गोद लिया है जहां स्थिरता मॉडल को अपनाकर शीपियों और मशरूम की खेती की जा रही है।
उन्होंने छात्रों में सामाजिक समावेश और पर्यावरण संतुलन के बारे में संवेदनशीलता के लिए गोवा विश्वविद्यालय की टीम की सराहना की।
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