जरुरी जानकारी | मध्यम वर्ग के लिये उनकी जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य बीमा उत्पाद लाने की जरूरत: पॉल

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने मंगलवार को देश के मध्यम वर्ग के लिये उनकी जरूरतों के अनुसार स्वास्थ्य बीमा उत्पाद लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि केवल 6.8 प्रतिशत व्यक्तियों के पास ही निजी तौर पर स्वास्थ्य बीमा है।

पॉल ने उद्योग मंडल फिक्की के स्वास्थ्य विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बीमा क्षेत्र से मध्यम वर्ग के अंतर्गत आने वाले 30 से 40 करोड़ लोग नदारद हैं। ये ऐसे लोग हैं, जिन्हें बीमा की जरूरत है। आयोग इसकी बात करता रहा है।

देश की आर्थिक वृद्धि में स्वास्थ्य क्षेत्र की भूमिका पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर दो प्रमुख मध्यम अवधि के निवेश कार्यक्रमों का जिक्र किया। पहला, 15वें वित्त आयोग के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य जांच सुविधाओं (डॉयग्नोस्टिक) के लिये पांच साल में कुल 77,000 करोड़ रुपये का वितरण किया जाएगा। दूसरा, आयुष्मान भारत अवसंरचना मिशन। इसके तहत, बुनियादी ढांचे के विकास के लिये पांच साल में वितरण के लिये 64,000 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इस राशि को एक साथ रखकर उसे जिलों की संख्या से भाग दें, तो प्रत्येक जिले में पांच साल में 200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।’’

पॉल ने निजी क्षेत्र से देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों और अवसरों को पूरा करने के लिये प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिये कहा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का विकास अकेला सार्वजनिक क्षेत्र नहीं कर सकता।

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